श्रीगंगानगर सहित प्रदेश में 2700 से ज्यादा महात्मा गांधी स्कूल इंग्लिश मीडियम का बढ़ता क्रेज
श्रीगंगानगर. वर्तमान में हर अभिभावक चाहता है कि वह अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ाए। प्रदेश के शिक्षा विभाग ने अपने चुनिंदा राजकीय विद्यालयों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में परिवर्तित कर जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्रदान किया है। श्रीगंगानगर सहित प्रदेश में 2700 से ज्यादा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय हैं। विभाग के अनुसार इन स्कूलों में गुरुवार से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो 9 मई चलेगी। इससे श्रीगंगानगर जिले के 61 स्कूलों में पढऩे वाले हजारों विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल सकेगा।
कक्षा 11 में प्रवेश की प्रक्रिया की गाइड लाइन अलग से
वर्तमान में जिन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक का संचालन किया जा रहा है उनमें कक्षा 11 में प्रवेश प्रक्रिया के लिए बाद में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा जिन स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं एवं बाल वाटिकाएं संचालित की जा रही है उनमें कक्षा नर्सरी में समस्त सीटों पर नवीन प्रवेश दिया जाएगा। एल.के.जी.से यू.के. जी. तक गत वर्ष स्वीकृत सीटों में से रिक्त हुई सीटों पर ही प्रवेश मिलेगा।
यें हैं महत्वपूर्ण तिथियां
एक्सपर्ट व्यू
करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और मल्टीनेशनल कंपनियों में अंग्रेजी के महत्व के कारण महात्मा गांधी स्कूलों का क्रेज साल दर साल बढ़ रहा है। इनमें गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ-साथ विभागीय छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजनाओं का भी लाभ बच्चों को मिलता है। साथ ही स्कूल को 50 लाख से अधिक का दान करने वाले भामाशाहों की अभिशंसा पर प्रत्येक कक्षा में 2 एवं पूरे स्कूल में प्रतिवर्ष अधिकतम 10 बच्चों को प्रवेश दिलाने का कोटा निर्धारित है।-भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक, विद्यार्थी सहायता केंद्र, श्रीगंगानगर
जिले का पहला अंग्रेजी माध्यम स्कूल होने के कारण दाखिले के लिए खूब आवेदन प्राप्त होते हैं। नए सत्र के लिए रिक्त सीटों की विज्ञप्ति जारी कर दी है। आवेदन पत्रों की पारदर्शी तरीके से लॉटरी निकालकर क्रमवार वरीयता सूची तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में रिक्त होने वाली सीटों को पूर्ण पारदर्शिता से भरा जा सके। प्रवेश के लिए विद्यालय समय में व्यक्तिश: आकर अथवा शाला दर्पण पोर्टल के होम पेज के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।-तरुण गुप्ता, प्रधानाचार्य, एमजीजीएस-इंद्रा चौक, श्रीगंगानगर
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